दस्त (डायरिया) के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज Diarrhea in Hindi

इस लेख में मैं दस्त (डायरिया या अतिसार) से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियों को आपके साथ साझा करूँगा जैसे इसके प्रकार, कारण, लक्षण, निदान, इलाज, इत्यादि।

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दस्त (डायरिया) क्या है? – (What is Diarrhea in Hindi?)

दोस्तों, आप सभी दस्त या फिर डायरिया (diarrhea in hindi) नामक बीमारी से ज़रूर परिचित होंगे। यह एक आम बीमारी है। बार-बार मल त्याग करने की ज़रूरत होने को आमतौर पर दस्त कहा जाता है। इसमें व्यक्ति को काफी पतला मलत्याग होता है और लगभग हर किसी को कभी न कभी इस के छोटे या बड़े रूप से गुज़रना पड़ता है। दस्त को डायरिया या अतिसार भी कहते हैं।

दस्त पाचन तंत्र संबंधित एक विकार है और इसके अधिकतर मामले कुछ बैक्टीरिया, वायरस, अथवा परजीवी के कारण होते हैं। इसके अलावा, यह आंतों मे सूजन (इंफ्लेमेटरी बोवेल रोग), हार्मोनल विकार (Hormonal disorders), कुछ दवाओं के सेवन से भी हो सकता है।

इसकी स्थिति हर इंसान में अलग-अलग हो सकती है। यह सामान्य घरेलू उपायों से ठीक होने वाली छोटी बीमारी से लेकर मौत का कारण बनने वाली एक गंभीर बीमारी भी हो सकती है।

दस्त (अतिसार) दुनिया भर में सबसे आम स्वास्थ्य शिकायतों में से एक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल विश्व स्तर पर दस्त के लगभग 2 बिलियन (अर्थात 200 करोड़) मामले देखने को मिलते हैं। सेंटर्स ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि यह 5 साल से कम उम्र के बच्चों की होने वाली मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।

सामान्य स्थिति में डायरिया की बीमारी आसानी से घरेलू इलाज और दवाइयों की मदद से ठीक हो जाती है। पर अगर यह गंभीर रूप लेते हुए दिखे तो आवश्यक है कि आप चिकित्सक के पास जाकर अच्छी तरह से इसका इलाज करवाएं। इसके कारण, लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। साथ ही कौन सा इलाज किस व्यक्ति के लिए फायदेमंद होगा यह भी उस व्यक्ति में दस्त (अतिसार) के कारण, लक्षण और स्थिति पर निर्भर करता है।

दस्त के कितने प्रकार हैं? – (What Are the Types of Diarrhea in Hindi?)

दस्त के सामान्यतः तीन प्रकार हैं, जिनके बारे में मैं आपको नीचे बता रहा हूँ:

1) एक्यूट डायरिया – (Acute Diarrhea in Hindi)

एक्यूट डायरिया दस्त का सबसे अधिक पाया जाने वाला प्रकार है। इसमें व्यक्ति को एकदम पानी जैसा पतला मल दिन में कई बार आता है, जिससे व्यक्ति कमज़ोर हो जाता है। इसका घबराने की बात नहीं होती क्यूंकि यह बस एक या दो दिन तक रहता है, और इसमें किसी खास इलाज की जरूरत नहीं पड़ती। शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति हो जाने पर यह समस्या अपने आप काफी कम हो जाती है। कई बार इसे घरेलू इलाज से भी आसानी से ठीक किया जा सकता है।

2) लगातार होने वाला डायरिया – (Persistent Diarrhea in Hindi)

जब दस्त की बीमारी दो से चार सप्ताह तक चलती है तो इसे परसिस्टेंट डायरिया कहते हैं। यह डायरिया बिना डॉक्टर की दवा के ठीक नहीं होता। इसमें शरीर में बहुत कमजोरी हो जाती है और यह निर्जलीकरण का कारण भी बन सकता है।

3) क्रोनिक डायरिया – (Chronic Diarrhea in Hindi)

इस प्रकार के डायरिया में पीड़ित व्यक्ति चार से भी ज़्यादा हफ्ते तक दस्त से पीड़ित रहता है। यह बेहद ख़तरनाक स्थिति का कारण बन सकता है, ऐसे में ज़रूरी हो जाता है की आप एक अच्छे चिकित्सक से अपना परिक्षण एवम इलाज करवाएं।

दस्त के क्या कारण हैं? – (What Are The Causes of Diarrhea in Hindi?)

आमतौर पर दस्त लगने के कई कारण हो सकते हैं, जो हर एक व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकते हैं।

आइये जानते हैं दस्त (डायरिया) के 18 प्रमुख कारणों के बारे में:

1) किसी प्रकार के संक्रमण से ग्रसित होना डायरिया का प्रमुख कारण होता है। स्वच्छता न रखने, दूषित पानी या भोजन का सेवन करने, और दूषित हाथों से खाद्य पदार्थ का सेवन करने से आपके पाचन तंत्र में वायरस, प्रोटोजोआ, और बैक्टीरिया का संक्रमण (infection) हो जाता है, जिससे दस्त की समस्या हो जाती है।

2) कई बार अत्यधिक मिर्च, मसाले, और तैलीय खाने से व्यक्ति को दस्त लगने लगते हैं।

3) पेट या पित्ताशय की थैली की सर्जरी कराने के बाद भी व्यक्ति को कई बार दस्त की शिकायत रहने लगती है।

4) अगर किसी व्यक्ति को पेट से संबंधित रोग जैसे इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome), माइक्रोस्कोपिक कोलाइटिस (Microscopic colitis) है तो ऐसे में उसे दस्त की शिकायत रह सकती है।

5) वंशानुगत या आनुवंशिक स्थिति, जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस या एंजाइम की कमी भी डायरिया का कारण हो सकती है।

6) अगर आपको किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है, तो उससे भी आपको दस्त हो सकते हैं।

7) स्विमिंग के दौरान दूषित पानी के पेट में चले जाने से भी डायरिया की समस्या हो जाती है।

8) अगर किसी व्यक्ति का पाचन तंत्र भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में विफल हो जाता है (मालएब्जॉर्प्शन), तो उसे दस्त की शिकायत हो सकती है।

9) जब शिशुओं के दांत निकलते हैं, तो उन्हें डायरिया की समस्या हो सकती है, क्यूंकि उस समय उनके मसूड़ों में खुजली होती है, और  वे कुछ भी उठाकर उसे मुंह में डालकर चबाने लगते हैं, जिससे उन्हें पेट संबंधी संक्रमण हो जाता है।

10) दवाइयां जैसे एंटीबायोटिक या पेट साफ करने की दवा (लैक्सेटिव्स) के सेवन से भी डायरिया हो सकता है।

11) बहुत अधिक मात्रा में मीठे खाद्य पदार्थ का सेवन करने से भी आपको अतिसार (diarrhea in hindi) की समस्या हो सकती है।

12) अधपके या कच्चे मीट का सेवन करने से भी दस्त हो सकते हैं।

13) अधिक समय तक मल को रोके रखना डायरिया का कारण बन सकता है।

14) अगर आपको किसी प्रकार का भय, शोक, या मानसिक तनाव है तो भी आपको दस्त हो सकते है।

15) बाहर का तेल वाला और जंक फ़ूड खाने से भी अतिसार (diarrhea in hindi) की समस्या हो सकती है।

16) बचे हुए बासी खाने के सेवन से दस्त की समस्या होना भी एक आम वजह है।

17) बच्चों में रोटावायरस (rotavirus) के कारण भी डायरिया हो सकता है।

18) सामान्य मात्रा से अधिक पानी पीने से भी दस्त हो सकते हैं।

दस्त के क्या लक्षण हैं? – (What Are The Symptoms of Diarrhea in Hindi?)

व्यस्क व्यक्ति में दस्त के लक्षण – (Symptoms of Diarrhea in Adults in Hindi)

दस्त या डायरिया होने पर आप में एक या अधिक लक्षण नजर आ सकते हैं।

व्यस्क व्यक्ति में दस्त के सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

  • बुखार
  • वज़न घटना
  • बार बार प्यास लगना
  • पेट दर्द
  • पेट की सूजन
  • पेट में मरोड़
  • पानी जैसा मल त्याग करना
  • मल में खून आना
  • डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण)
  • सिरदर्द
  • शरीर में दर्द
  • लूज़ मोशन
  • जी मिचलाना
  • उलटी
  • बार-बार मल त्याग करना
  • सुस्ती
  • चक्कर आना
  • थकान
  • कमज़ोरी

बच्चों में दस्त के लक्षण – (Symptoms of Diarrhea in Children in Hindi)

बच्चों में दस्त के निम्नलिखित लक्षण देखने को मिल सकते हैं:

  • चिड़चिड़ापन
  • आंखें धंसी धंसी सी लगना
  • अधिक नींद का आना
  • पेट में दर्द होना
  • सुस्ती
  • काला मल
  • मल के साथ खून या मवाद आना
  • तेज बुखार (102°फेरेनहाइट से अधिक) होना
  • थकान
  • सिरदर्द
  • मुँह का सूखना
  • पेशाब कम आना
  • रोने पर आँखों से आँसू नहीं आना

दस्त का क्या इलाज है? – (What is The Treatment For Diarrhea in Hindi?)

तीव्र दस्त (acute diarrhea in hindi) के कुछ मामले इलाज के बिना ही स्वयं ही ठीक हो जाते हैं। तीव्र दस्त जो स्वयं ठीक न हों, और लगातार या पुराने दस्त (chronic diarrhoea in hindi) का इलाज, उनके लक्षणों और अंतर्निहित कारणों के आधार पर किया जाता है। डायरिया या दस्त का इलाज (dast ka ilaj) निम्नलिखित रूप से किया जाता है:

1) पुनर्जलीकरण

अतिसार (diarrhea in hindi) के सभी मामलों में पुनर्जलीकरण बहुत महत्वपूर्ण है:

  • बच्चे और बुजुर्ग निर्जलीकरण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
  • ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस – ORS), डायरिया में पीना बहुत लाभकारी होता है और इससे जल्द ही आराम मिलता है। ORS से भी पानी की कमी पूरी न होने पर ड्रिप लगाकर पानी की कमी को दूर करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

2) एंटी डायरियाल दवा

एंटी डायरियाल दवाएं दस्त को रोकने में मदद करती हैं, परंतु इनका सेवन केवल डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

3) एंटीबायोटिक्स

इन्फेक्शन (जीवाणु संक्रमण) के कारण हुए दस्त के लिए एंटीबायोटिक दवाइयां लाभकारी होती हैं, पर किसी भी एंटीबायोटिक को लेने से पहले डॉक्टर से अवश्य परामर्श लें।

4) आहार

पोषण विशेषज्ञों के द्वारा दस्त (अतिसार) के लिए कुछ पोषण संबंधी सुझाव दिए जाते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • उबले पानी का सेवन करना लाभदायक होता है।
  • बासी खाने का परहेज़ करें और ताज़ा खाना का सेवन करने का प्रयत्न करें।
  • दस्त के दौरान केले, दही, आदि का सेवन लाभदायक होता है।
  • खिचड़ी, दलिया जैसे हलके भोजन का ही सेवन करें।
  • काली चाय में नींबू का रस डालकर पीना दस्त में लाभदायक होता है।
  • दिनभर में लगभग 6 से 7 बार नमक, चीनी, और पानी का घोल बनाकर पिएं। 
  • उच्च-पोटेशियम युक्त खाद्य और तरल पदार्थों का सेवन करें जैसे केला, आलू, फल का जूस, आदि।
  • उच्च सोडियम युक्त खाद्य और तरल पदार्थों जैसे सूप, आदि का सेवन करें।
  • कुछ खाद्य पदार्थ जैसे तले हुए पदार्थ, मीठे पदार्थ, आदि का सेवन नहीं करना चाहिए क्यूंकि इनके सेवन से दस्त बिगड़ सकते हैं।

5) प्रोबायोटिक्स

प्रोबायोटिक्स दस्त (diarrhoea in hindi) को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये तरल पदार्थ, पाउडर, टेबलेट, और कैप्सूल के रूप में उपलब्ध हैं।

दस्त का घरेलू इलाज क्या है? – (What Are The Home Remedies For Diarrhea or Loose Motion in Hindi?)

दस्त या डायरिया के घरेलू इलाज इस प्रकार हैं:

1) 1 चम्मच पके बेल के गूदे को एक कप ताज़े दही के साथ मिलाकर खाने से दस्त में राहत मिलती है।

2) कच्चे पपीते के 4 से 5 टुकड़े लें और उनको उबालकर उनका सेवन करें। इससे लम्बे समय से चली आ रही दस्त की समस्या से छुटकारा मिलता है।

3) एक कप पानी में एक छोटा चम्मच नींबू का रस मिलाकर उसका सेवन दिन में तीन (अर्थात सुबह, दोपहर, और शाम) बार करने से आंतों की धीरे धीरे सफाई होती है। इससे आपको दस्त (जिसमे आँव आता है) में लाभ मिलता है।

4) कच्ची सौंफ (बिना भूनी हुई सौंफ), और पकी सौफ (भूनी हुई सौंफ) को मिलाकर सुबह शाम आधे चम्मच की मात्रा में खाने से डायरिया में काफी हद तक आराम मिलता है।

5) आधा चम्मच जीरे के चूर्ण को एक कप दही के साथ मिलकर उसका सेवन करें, इससे आपको दस्त में लाभ मिलेगा।

6) दस्त की वजह से व्यक्ति के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसके लिए एक लीटर पानी में एक चम्मच सूखा धनिये को पानी आधा होने तक उबालें। इस पानी को ठंडा करके और छानकर थोड़ी-थोड़ी देर में रोगी को पिलाने से पानी की कमी दूर होती है।

7) दो तीन कचनार फूलों की कली को बारीक पीस लें। अब इसे चीनी के शरबत में मिलाकर हर रोज़ 2 से 3 बार इसका सेवन करें। इसके सेवन से दस्त की समस्या दूर हो जाती है।

डायरिया (दस्त) की रोकथाम – (Prevention of Diarrhea in Hindi)

निम्नलिखित बातों का ध्यान रखकर आप दस्त से संक्रमित होने से बहुत हद तक बच सकते हैं। आइये जानते हैं क्या हैं डायरिया की रोकथाम या बचाव के तरीके :

  • किसी भी बाहरी चीज़ के उपयोग से पहले स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें।
  • हमेशा स्वच्छ भोजन करें और पानी पियें।
  • बर्तन, कटलरी, या तौलिये जैसी चीज़ें अन्य सदस्यों के साथ बांटने से बचें।
  • स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें।
  • बचे हुए खाने और अन्य खाद्य एवम पेय पदार्थों को फ्रिज में रखें।
  • अगर आप बाहर खाना खाएं, तो किसी ऐसी जगह ही खाएं जो साफ़ हो और जहां खाना साफ़ सफाई से बनाया गया हो।
  • यात्रा के दौरान बोतल का पानी ही पिएं।
  • कच्चे फलों और सब्जियों को अच्छी तरह से पानी से धोकर ही इस्तेमाल में लाएं।
  • बर्तनों को अच्छी तरह से धोकर ही पकाने और खाने के उपयोग में लें।
  • भोजन करने या उसकी तैयारी करने से पहले और शौचालय जाने के बाद पानी और साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोएं।

दस्त के वजह से होने वाली अन्य बीमारियां – (Other Diseases Caused by Diarrhea in Hindi)

आइये जानते हैं दस्त की वजह से आपको और कौन सी बीमारियां हो सकती हैं:

  • दस्त की वजह से कई बार व्यक्ति को बुखार हो जाता है।
  • दस्त से ग्रसित व्यक्ति को सांस फूलने की बीमारी होते हुए भी देखा जाता है।
  • अगर किसी व्यक्ति को दस्त की परेशानी है तो उसे एनीमिया होने की सम्भावना बनी रहती है।
  • दस्त की वजह से शरीर में पानी की कमी होना बहुत आम बात है।
  • कई बार दस्त से पीड़ित व्यक्ति को त्वचा में झुर्रियों की समस्या होने लगती है।

दोस्तों इस लेख में मैंने दस्त (डायरिया) से संबंधित सम्पूर्ण जानकारी आप सभी के साथ साझा की है। आशा है मेरा यह लेख किसी न किसी प्रकार से आपके काम आया होगा।


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संदर्भ (References):

1) Diarrhoeal disease

https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/diarrhoeal-disease

2) Global Diarrhea Burden

https://www.cdc.gov/healthywater/global/WASH.html?CDC_AA_refVal=https%3A%2F%2Fwww.cdc.gov%2Fhealthywater%2Fglobal%2Fdiarrhea-burden.html

3) Diarrhea

https://www.niddk.nih.gov/health-information/digestive-diseases/diarrhea/all-content

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अस्वीकरण (DISCLAIMER):

इस लेख में जानकारी आपके ज्ञान के लिए दी गयी है| किसी भी उपाय / नुस्खे / दवा आदि को इस्तेमाल करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर कर लें, क्योंकि वो आपके स्वास्थ्य के बारे में ज्यादा जानता है| हमारे किसी उपाय/नुस्खे/दवा आदि के इस्तेमाल से यदि किसी को कोई नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी|

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इन्हें भी पढ़ें :

1) कब्ज: कारण, लक्षण, नुकसान, इलाज – Constipation in Hindi

2) उल्टी: कारण, लक्षण, इलाज, और घरेलू उपाय Vomiting in Hindi

3) पेट दर्द: कारण, इलाज, और घरेलू उपाय Stomach Pain in Hindi

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