ब्राह्मी तेल के फायदे और नुकसान – Brahmi Tel ke Fayde

यहां, इस लेख में मैं आपको ब्राह्मी तेल के फायदे, उपयोग, घटक द्रव्य (सामग्री) से लेकर इसके नुकसान (दुष्प्रभाव) तक के बारे में विस्तृत जानकारी दूंगा।

ब्राह्मी तेल क्या है? – (What is Brahmi tel (or oil) in Hindi?)

ब्राह्मी तेल कई स्वास्थ्य लाभों वाला प्रसिद्ध आयुर्वेदिक तेल है और भारत में इसका उपयोग सदियों से किया जाता रहा है। इस तेल का उपयोग बाह्य तौर पर सिर की मालिश के लिए या हेयर आयल (बालों के तेल) के रूप में किया जाता है। इसे दिमाग को आराम देने का एक बेहतरीन उपाय माना जाता है।

इस तेल का मुख्य घटक ब्राह्मी है। इस तेल को बनाने के लिए औषधीय जड़ी-बूटियों को एक आधार तेल, जो या तो नारियल तेल या तिल का तेल हो सकता है, में पकाकर तैयार किया जाता है।

ब्राह्मी तेल स्कैल्प (सिर की त्वचा) को पोषण देता है, बालों की जड़ों को मजबूत करता है, और बालों के झड़ने को रोकने में मदद करता है। इसकी मालिश से सिर की त्वचा में रक्त संचार बेहतर होता है, बालों के रोम मजबूत होते हैं और नए बालों के विकास को बढ़ावा मिलता है।

यह तेल बालों के लिए तो फायदेमंद है ही साथ ही साथ यह चिंता और तनाव को कम करने में सहायक है, तथा प्राकृतिक नींद लाने में मदद करता है। इस तेल का केवल बाह्य उपयोग ही किया जाता है, इसका मौखिक सेवन नहीं किया जाना चाहिए।

ब्राह्मी तेल का पोषण मूल्य क्या है? – (What is The Nutritional Value of Brahmi Oil (Tel) in Hindi?)

ब्राह्मी तेल का उपयोग आम तौर पर केवल बाह्य उपयोग के लिए किया जाता है। हालाँकि, ब्राह्मी (ब्राह्मी ऑयल का मुख्य घटक) का सेवन टैबलेट, तरल अर्क (liquid extract) या पाउडर के रूप में किया जा सकता है। ब्राह्मी को घी के साथ सेवन करने से दिमाग शांत होता है। पाउडर या तरल रूप में सेवन की जाने वाली इस जड़ी-बूटी में पोषण मूल्य की तुलना में अधिक चिकित्सीय मूल्य होता है।

ब्राह्मी तेल के घटक द्रव्य (सामग्री) क्या हैं? – (What Are the Ingredients of Brahmi Oil in Hindi?)

ब्राह्मी तेल के घटक द्रव्य (सामग्री) नीचे सूचीबद्ध हैं:

घटक द्रव्य का सामान्य नामघटक द्रव्य का वैज्ञानिक नाम
ब्राह्मीBacopa monnieri
आमलकीEmblica officinalis
तिल तेल (बेस आयल या आधार तेल के रूप में)Sesamum Indicum

कुछ आयुर्वेदिक दवा निर्माण कंपनियां नारियल तेल को आधार तेल (बेस आयल) के रूप में उपयोग करके ब्राह्मी तेल बनाती हैं। इस प्रकार आधार तेल या तो तिल का तेल या नारियल का तेल हो सकता है।

तैयार ब्राह्मी तेल में इसके बेस ऑयल के सभी लाभ मिलते हैं। इस प्रकार नारियल के तेल को आधार बनाकर तैयार किया गया ब्राह्मी तेल, तिल के तेल को आधार बनाकर बनाए गए तेल की तुलना में अधिक शीतलक (coolant) होगा।

ध्यान दें कि:

  • बालों की समस्याओं के लिए नारियल तेल सबसे अच्छा बेस ऑयल है, और
  • वात विकार या मानसिक तनाव के लिए तिल का तेल सर्वोत्तम बेस ऑयल (आधार तेल) है।

ब्राह्मी तेल किन शारीरिक स्थितियों में उपयोगी है अथवा इसके चिकित्सीय संकेत क्या हैं?  – (What Are The Therapeutic Indications of Brahmi Oil in hindi?)

ब्राह्मी-तेल-के-फायदे-brahmi-tel-ke-fayde

नियमित हेयर ऑयल के रूप में ब्राह्मी तेल के उपयोग (इसीलिए इसे ब्राह्मी हेयर ऑयल भी कहा जाता है) के इलावा, इस तेल का उपयोग निम्नलिखित स्थितियों में भी किया जा सकता है:

  • बाल झड़ना (hair fall)
  • सिर की सूखी त्वचा (ड्राई स्कैल्प – dry scalp)
  • हेयर डैमेज (hair damage)
  • स्कैल्प की खुजली (itchy scalp)
  • बालों का समय से पहले सफ़ेद होना (premature graying of hair)
  • बालों के विकास को बढ़ावा देने के लिए (to promote hair growth)
  • चिंता (anxiety)
  • अवसाद (depression)
  • अनिद्रा (insomnia)

ब्राह्मी तेल के फायदे और उपयोग क्या हैं? – (What are the Benefits and Uses of Brahmi Oil in Hindi?

ब्राह्मी तेल एक आयुर्वेदिक हर्बल तेल है जो ब्राह्मी (bacopa monnieri) और आमलकी (आंवला) से बना है तथा इसे बनाने में तिल का तेल या नारियल का तेल बेस ऑयल के रूप में उपयोग किया जाता है।

इस तेल का उपयोग केवल बाहरी उपयोग के लिए किया जाता है और इसका सेवन मौखिक रूप से नहीं किया जाना चाहिए।

ब्राह्मी तेल के मुख्य 10 फायदे और उपयोग इस प्रकार हैं:

1) बालों के विकास और मजबूती के लिए ब्राह्मी तेल के फायदे – (Brahmi Oil Benefits for Hair Growth and Strength in Hindi)

बालों के धीमे विकास के लिए ब्राह्मी तेल एक प्रभावी उपचार है। इस तेल का उपयोग नेचुरल हेयर कंडीशनर (natural hair conditioner) और आरामदायक (soothing) गर्म तेल मालिश दोनों के लिए किया जा सकता है।

इस तेल को स्कैल्प और बालों पर नियमित रूप से लगाने से बाल स्वस्थ और मजबूत बनते हैं। यह बालों की जड़ों को मजबूत करने के लिए काफी प्रभावी है, जिससे बालों का झड़ना कम हो जाता है।

सप्ताह में दो बार सिर पर इस तेल की मालिश करने से रक्त परिसंचरण में वृद्धि हो सकती है, जो अंततः बालों के विकास को बढ़ावा देती है।

2) डैंड्रफ और बालों के रूखेपन के लिए ब्राह्मी तेल के फायदे – (Brahmi Oil Benefits for Dandruff and Hair Dryness in Hindi)

ब्राह्मी ऑयल की मालिश डैंड्रफ (रूसी) और बालों के रूखेपन के लिए एक उत्कृष्ट उपाय है। इसकी मालिश से सिर की त्वचा स्वस्थ, ठंडी और साफ रहती है; और सूखे बालों से उत्पन्न जलन या खुजली से राहत दिलाती है। यह तेल डैंड्रफ (रूसी) को कम करने में भी मदद करता है।

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3) समय से पहले बालों के सफेद होने के लिए ब्राह्मी तेल के फायदे – (Brahmi Oil Benefits for Premature Hair Greying in hindi)

ब्राह्मी तेल एक उत्कृष्ट एंटी-ऑक्सीडेंट का स्रोत है। ये एंटीऑक्सिडेंट मुक्त कणों (जो बालों के समय से पहले सफ़ेद होने सहित उम्र बढ़ने के शुरुआती लक्षणों का मुख्य कारण हैं) से लड़ते हैं।

सिर की मालिश के लिए आंवला तेल के साथ इस तेल का नियमित उपयोग आपके बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकने में मदद करता है।

4) ब्राह्मी तेल के नींद के लिए फायदे – (Brahmi Oil Benefits for Sleep in hindi)

ब्राह्मी तेल चिंता, तनाव और घबराहट के दौरे (panic attacks), जो स्लीप पैटर्न में गड़बड़ी और अनिद्रा का कारण बन सकते हैं, के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार है ।

यह तेल उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो अनिद्रा से पीड़ित हैं या जिन्हें शांति से सोने में परेशानी होती है। सिर, माथे या कनपटी पर इसकी मालिश करने से व्यक्ति को अच्छी नींद आती है।

अनिद्रा के इलाज के लिए इस तेल का उपयोग दो तरीकों से किया जा सकता है:

  • क) आप इस तेल की कुछ बूँदें पानी में मिला कर, इसमें अपने बालों को कुछ मिनटों के लिए भिगो सकते हैं; इससे अनिद्रा के लिए ब्राह्मी ऑयल की प्रभावशीलता बढ़ जाती है।
  • ख) सोने से पहले इस तेल से सिर की त्वचा पर 10 मिनट तक मालिश भी की जा सकती है; इससे दिमाग को आराम मिलता है और अच्छी नींद आती है।

5) ब्राह्मी तेल मस्तिष्क के कार्यों को बढ़ावा देने में मदद करता है – (Brahmi Oil Aids Boost Brain Functions in hindi)

ब्राह्मी तेल से सिर की मालिश करने से मस्तिष्क में रक्त संचार बेहतर होता है। इसकी नियमित मालिश से मस्तिष्क की सामान्य कार्यप्रणाली में काफी सुधार हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप आपकी सतर्कता (alertness) और एकाग्रता (concentration) में सुधार होता है।

6) अल्जाइमर रोग के लिए ब्राह्मी तेल के फायदे – (Brahmi Oil Benefits for Alzheimer’s disease in hindi)

ब्राह्मी तेल ने अल्जाइमर रोग के उपचार में अत्यधिक आशाजनक परिणाम दिखाए हैं, क्योंकि यह शरीर के संज्ञानात्मक कार्यों में सुधार करने के लिए जाना जाता है। हालाँकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि ब्राह्मी ऑयल की मालिश वास्तव में इस बीमारी के विकास को रोक सकती है, लेकिन यह तेल इस स्थिति के उपचार के लिए निर्विवाद रूप से फायदेमंद है।

7) ब्राह्मी तेल पेट दर्द का इलाज करता है और गैस से राहत देता है – (Brahmi Thailam Treats Abdominal Pain and Relieves Gas in hindi)

जब गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में गैस बनती है, तो यह दर्द और परेशानी का कारण बनती है।

पेट पर ब्राह्मी आयल की मालिश करने से गैस बनने से राहत मिलती है; तथा पेट में दर्द या मांसपेशियों में ऐंठन से भी राहत मिलती है। जिन लोगों को पाचन संबंधी परेशानी होती है उनके लिए इसकी मालिश बहुत फायदेमंद होती है।

8) ब्राह्मी तेल याददाश्त में सुधार करता है, तथा तनाव और चिंता को कम करता है – (Brahmi oil Improves Memory, and Reduces Stress & Anxiety in hindi)

ब्राह्मी ऑयल की मालिश के फायदे बालों को मिलने वाले फायदों से कहीं अधिक हैं। इस तेल की मालिश से निम्नलिखित फायदे भी मिलते हैं:

  • तनाव का स्तर कम होता है
  • एकाग्रता में सुधार होता है
  • याददाश्त बढ़ाने में योगदान देता है

इन फायदों के कारण यह तेल मनोभ्रंश (dementia) या अन्य स्मृति हानि से संबंधित बीमारियों (memory loss-related illnesses) वाले रोगियों के लिए फायदेमंद है।

चिंता और तनाव का बढ़ा हुआ स्तर कई स्वास्थ्य समस्याओं जैसे सिरदर्द, उच्च रक्तचाप, घबराहट के दौरे (panic attacks) आदि का कारण बन सकता है।

ब्राह्मी आयल अपने शांत प्रभावों (calming effects) के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे चिंता और तनाव के लिए एक प्रभावी उपाय बनाता है। इसके नियमित उपयोग से उन व्यक्तियों को कुछ राहत मिल सकती है जो अक्सर चिंता और तनाव से जूझते रहते हैं।

9) दर्द और सूजन के लिए ब्राह्मी तेल के फायदे – (Brahmi Oil Benefits for Pain & Inflammation in hindi)

ब्राह्मी ऑयल में सूजन-रोधी और दर्दनिवारक (analgesic) गुण होते हैं। जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत पाने के लिए इस तेल से मालिश करना काफी फायदेमंद होता है।

इसकी मालिश सिरदर्द, पीठ दर्द, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन को दूर करने में भी प्रभावी है।

10) त्वचा के लिए ब्राह्मी तेल के फायदे – (Brahmi Oil Benefits for Skin in hindi)

त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार के लिए ब्राह्मी तेल से मालिश अत्यधिक प्रभावी है।

यह तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और इसकी मालिश से रक्त संचार भी बेहतर होता है। अतः इस की मालिश से आपकी त्वचा नरम, लोचदार (elastic), और कोमल बनती है।

ब्राह्मी ऑयल से नियमित रूप से शरीर की मालिश करने से आपकी त्वचा का एक्जिमा और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाव होता है और आपको चमकदार और गोरा रंग मिलता है।

ब्राह्मी तेल के नुकसान (दुष्प्रभाव) क्या हैं? – (What Are the Side effects of Brahmi Oil in Hindi?)

ब्राह्मी तेल आमतौर पर बाहरी उपयोग के लिए सुरक्षित है और इसका कोई ज्ञात नुकसान (दुष्प्रभाव) नहीं है।

यह तेल संभवतः अधिकांश लोगों के लिए 12 महीनों तक बाह्य उपयोग के लिए सुरक्षित है, परंतु फिर भी कुछ लोगों को लालिमा और खुजली का अनुभव हो सकता है।

यह भी ध्यान रखें कि यह तेल मौखिक उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं है और इसका सेवन नहीं किया जाना चाहिए। इसके मौखिक सेवन से मतली, उल्टी आदि जैसी चिकित्सा समस्याएं हो सकती हैं और कुछ मामलों में यह घातक साबित हो सकता है।

सावधानियां – (Precautions)

मौखिक उपयोग के लिए नहीं है – (Not for oral use in Hindi)

ब्राह्मी तेल का उपयोग मौखिक रूप से नहीं किया जाना चाहिए।

दवाओं के साथ परस्पर क्रिया – (Interaction with medicines in Hindi)

बालों और त्वचा के लिए उपयोग की जाने वाली अन्य दवाओं के साथ इसकी परस्पर क्रिया स्पष्ट नहीं है। इसलिए, यदि आप बालों या त्वचा के लिए किसी दवा का उपयोग कर रहे हैं तो ब्राह्मी ऑयल का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान – (During Pregnancy and lactation in Hindi)

गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में इस तेल की सुरक्षा का मूल्यांकन नहीं किया गया है, इसलिए गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को इसके उपयोग से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।

ब्राह्मी तेल की खुराक क्या है? – (What is the Dosage of Brahmi Oil in Hindi?)

ब्राह्मी तेल का उपयोग आमतौर पर त्वचा या स्कैल्प पर बाहरी उपयोग के लिए किया जाता है।

व्यस्क: वयस्क ब्राह्मी ऑयल को अपनी आवश्यकता के अनुसार या आपके डॉक्टर के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्रों (जैसे त्वचा या स्कैल्प) पर लगा सकते हैं।

छोटे बच्चे: छोटे बच्चों में इसके प्रयोग से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लेना चाहिए।

कुछ लोग गर्म स्नान में इस तेल की कुछ बूँदें मिलाते हैं।

ब्राह्मी तेल का उपयोग मौखिक सेवन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्राह्मी तेल का उपयोग दिन में कितनी बार किया जा सकता है? – (How many times a day, Brahmi oil can be used in Hindi?)

मालिश के लिए ब्राह्मी ऑयल का उपयोग दिन में एक से दो बार किया जा सकता है।

आपकी बीमारी या उपयोग के उद्देश्य के आधार पर, आपका डॉक्टर आपको इसके उपयोग की अवधि और आवृत्ति के बारे में मार्गदर्शन कर सकता है।

मुझे दिन में किस समय ब्राह्मी तेल का उपयोग करना चाहिए? – (At what time of the day should I use Brahmi oil in Hindi?)

इस तेल का उपयोग दिन के किसी भी समय सुरक्षित रूप से किया जा सकता है।

क्या मैं ब्राह्मी आयल को रात भर अपने बालों में लगा छोड़ सकता हूँ? – (Can I leave Brahmi Oil (Taila) in my hair throughout the night in Hindi?)

हाँ, आप इस तेल को रात भर अपने बालों में लगा रहने दे सकते हैं, सिवाय इसके कि आपकी स्कैल्प (सिर की त्वचा) अत्यधिक तैलीय और चिपचिपी हो।

क्या मैं ब्राह्मी तेल को बादाम या जैतून के तेल के साथ मिला सकता हूँ? – (Can I mix Brahmi Oil with almond or olive oil in Hindi?)

हां, आप ब्राह्मी तेल को बादाम या जैतून के तेल के साथ मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। ये तीनों तेल बालों के विकास के लिए फायदेमंद हैं तथा आपके बालों को मुलायम और सुलझे हुए बनाने में मदद करते हैं।

क्या ब्राह्मी तेल से मुझे उनींदापन हो सकता है? – (Can Brahmi oil make me drowsy in Hindi?)

चूँकि ब्राह्मी आयल में हल्के सीडेटिव गुण (sedative properties) होते हैं, जो नींद लाने में मदद कर सकते हैं, इसलिए इस तेल से आपको उनींदापन (drowsiness) हो सकता है।


संदर्भ (References):

Brahmi Oil: Uses, Benefits, Ingredients, & Side Effects


अस्वीकरण (Disclaimer):

इस लेख में जानकारी आपके ज्ञान के लिए दी गयी है| किसी भी उपाय/नुस्खे/दवा आदि को इस्तेमाल करने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर कर लें, क्योंकि वो आपके स्वास्थ्य के बारे में ज्यादा जानता है|


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